झारखंड हाईकोर्ट में 1980 से हो रहे जमीन सर्वे मामले पर सुनवाई की है और प्रगति रिपोर्ट पेश करने के लिए फरवरी तक का समय दिया है. चीफ जस्टिस एमएस रामचंद्र राव और जस्टिस दीपक रोशन की अदालत ने सुनवाई की. इस सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से कहा गया है कि राज्य में सर्वे का काम शुरू कर दिया गया है. लातेहार और लोहरदगा में सर्वे पूरा हो गया है. बाकि जगह बाकि है उन इलाकों में सर्वे करने के लिए कम से कम छह महीने का समय लगेगा. जिससे बाद कोर्ट ने उन्हें फरवरी तक का समय दिया है.
वहीं सुनवाई के दौरान प्रार्थी गोकुलचंद ने अदालत को कहा कि झारखंड में 1980 से लैंड सर्वे का काम चल रहा है लेकिन 40 वर्ष बीत जाने के बाद भी काम पूरा नहीं हो सका है. सर्वे नहीं होने की वजह से जमीन माफिया सक्रिय है वे जमीन के दस्तावेज में हेराफेरी कर खरीद-बिक्री कर रहे हैं. जिससे सरकार को राजस्व का नुकसान हो रहा है। लैंड सर्वे के लिए समय सीमा तय की जानी चाहिए.
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