
हजारीबाग: पूर्व कृषि मंत्री मंत्री योगेंद्र साव को गुरुवार दोपहर केरेडारी थाना पुलिस ने धरना स्थल से गिरफ्तार कर लिया। वे बिरसा विस्थापन यूनियन के बैनर तले चल रहे विस्थापित भू-रैयतों के आंदोलन में शामिल थे। इस दौरान पूर्व विधायक निर्मला देवी को भी पुलिस ने हिरासत में लिया।
जानकारी के अनुसार, गिरफ्तारी से पहले योगेंद्र साव अपनी बेटी एवं पूर्व विधायक अंबा प्रसाद के साथ दिल्ली गए थे, जहां उन्होंने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी से मुलाकात की। इस दौरान विस्थापन और मुआवजा से जुड़े मुद्दों पर एक ज्ञापन भी सौंपा गया था। दिल्ली से लौटने के बाद गुरुवार को वे सीधे NTPC Limited की चट्टी बरियातू माइंस और पगार साइडिंग के बाहर कर्बला स्थित धरना स्थल पहुंचे, जहां पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया।
योगेंद्र साव ने फोन पर बताया कि विस्थापित भू-रैयत पिछले दो महीने से शांतिपूर्ण तरीके से धरना दे रहे हैं। आंदोलनकारी 2013 के भूमि अधिग्रहण, पुनर्वासन एवं पुनर्स्थापन कानून के तहत उचित मुआवजा और अन्य सुविधाएं देने की मांग कर रहे हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि गुरुवार की दोपहर केरेडारी थाना पुलिस बिना किसी गिरफ्तारी वारंट या पूर्व नोटिस के मौके पर पहुंची और उन्हें हिरासत में ले लिया। खबर लिखे जाने तक हजारीबाग पुलिस की ओर से गिरफ्तारी के संबंध में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
इधर, अंबा प्रसाद ने गिरफ्तारी पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि विस्थापित भू-रैयत अपनी वैध मांगों को लेकर शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे थे। बिना वारंट और नोटिस के गिरफ्तारी लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन है। उन्होंने प्रशासन से अविलंब स्थिति स्पष्ट करने और आंदोलनकारियों के साथ संवाद स्थापित करने की मांग की है।
बिरसा विस्थापन यूनियन के बैनर तले आंदोलन कर रहे विस्थापितों ने भी गिरफ्तारी का विरोध करते हुए कहा है कि वे अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण आंदोलन जारी रखेंगे।
