तेली अधिकार मंच का गठन,निरंजन तेली बने मुख्य संयोजक

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रांची: कांके के होचर स्थित एक निजी होटल में बुधवार दोपहर तेली समाज के लोगों की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें तेली अधिकार मंच का औपचारिक गठन किया गया। बैठक की अध्यक्षता निरंजन तेली ने की, जबकि संचालन पंकज कश्यप ने किया। बैठक में सर्वसम्मति से संगठन के पदाधिकारियों का चयन किया गया। निरंजन तेली को मंच का मुख्य संयोजक चुना गया, वहीं पंकज कश्यप को कोष संयोजक, धनेश्वर साहू को सह संयोजक, संजय साहू महासंयोजक, विशाल साहू को व्यापार संयोजक बनाया गया। इसके अलावा हरिनाथ साहू, रवींद्र साहू और मनोज साहू को मुख्य संरक्षक की जिम्मेदारी सौंपी गई।

बैठक के दौरान पदाधिकारियों का चयन लोकतांत्रिक और चुनावी प्रक्रिया के तहत किया गया, जिसमें सभी सदस्यों की सहमति रही। इस अवसर पर संगठन की आगामी रणनीति और दिशा पर भी विस्तार से चर्चा की गई।

बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि मंच की मुख्य बॉडी का कोई भी पदाधिकारी किसी राजनीतिक दल में पदेन पदाधिकारी नहीं होगा। साथ ही प्रत्येक दो वर्ष पर लोकतांत्रिक तरीके से मंच का चुनाव कराया जाएगा। समाज के इच्छुक व्यक्ति, जो मंच के मुख्य दायित्व में रहकर कार्य करना चाहते हैं, वे चुनावी प्रक्रिया में हिस्सा लेकर चुनाव लड़ सकेंगे।

मुख्य संयोजक चुने जाने के बाद निरंजन तेली ने समाज के प्रति आभार जताते हुए कहा कि तेली समाज के हक और अधिकारों की लड़ाई को मजबूत करने के लिए यह मंच एक प्रभावी माध्यम बनेगा। उन्होंने कहा कि समाज की राजनीतिक, सामाजिक भागीदारी बढ़ाना, शिक्षा के क्षेत्र में जागरूकता लाना, अपने अधिकार के प्रति उन्हें जागरूक करना और केंद्रीय तेली भवन का निर्माण उनकी प्राथमिकता होगी।

युवाओं और महिलाओं की भागीदारी से शसक्त होगा समाज : हरिनाथ

वहीं मुख्य संरक्षक हरिनाथ साहू ने कहा कि तेली अधिकार मंच का उद्देश्य बहुसंख्यक तेली समाज को जनसंख्या अनुपात में राजनीतिक भागीदारी और सामाजिक न्याय सुनिश्चित कराना है। यह कोई राजनीतिक या सामाजिक संगठन नहीं, बल्कि झारखंड प्रदेश में पूर्व से संचालित तेली समाज के विभिन्न संगठनों के अगुआ प्रतिनिधियों को एक साझा मंच प्रदान करने का प्रयास है, ताकि समय-समय पर समाज की सामाजिक और राजनीतिक लड़ाई को मजबूती से लड़ा जा सके। उन्होंने कहा कि बिना संगठन और जागरूकता के समाज का विकास संभव नहीं है, इसलिए युवाओं और महिलाओं की सक्रिय भागीदारी बेहद जरूरी है।


उन्होंने आगे कहा कि आज के समय में शिक्षा, रोजगार, राजनीतिक प्रतिनिधित्व और सामाजिक सम्मान जैसे मुद्दों पर एकजुट होकर आवाज उठाने की आवश्यकता है। यदि समाज के सभी वर्ग विशेषकर युवा और महिलाएं आगे आकर जिम्मेदारी निभाएं, तो समाज को नई दिशा और शक्ति मिल सकती है। अंत में उन्होंने सभी लोगों से एकजुटता बनाए रखते हुए समाज के समग्र विकास में सक्रिय योगदान देने की अपील की।

बैठक में दानवीर भामाशाह की जयंती इस वर्ष धूमधाम से मनाने का निर्णय लिया गया। साथ ही 14 अप्रैल को संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती मनाने का भी सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया।

बैठक में उपस्थित अन्य लोगों ने एक स्वर में कहा कि संगठन को मजबूत बनाने और आने वाले समय में व्यापक आंदोलन खड़ा करने के लिए 22 प्रतिशत आबादी एक साथ आकर अपने अधिकार की लड़ाई लड़ने का काम करेगा ।

बैठक को सफल बनाने में मुख्य संरक्षक हरिनाथ साहू, धनेश्वर साहू, सागर साव, मुख्य संयोजक निरंजन तेली, संयोजक विशाल साहू, कुलदीप साहू, पंकज कश्यप, संजय साहू, मुकेश साहू संरक्षक नरेंद्र साहू, संतोष साहू,दानेश्वर साहू, शंकर साहू, अमित साव इत्यादि दर्जनों लोगों का सराहनीय योगदान रहा।

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