झारखंड की राजनीति में पावर कपल साबित हुए कल्पना-हेमंत सोरेन. जेएमएम की अगुवाई वाली इंडिया ब्लॉक को करिश्माई जीत दिलाने में कल्पना और हेमंत की जोड़ी ने निर्णायक भूमिका निभाई. जिसका नतीजा ये हुआ कि आज इंडिया ब्लॉक में जश्न का माहौल है. सिर्फ जेएमएम ही नहीं बल्कि कांग्रेस और राजद को भी जीत दिलाने में दोनों ने ही महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. पूरे झारखंड का चुनाव का प्रचार प्रसार का कमाल दोनों ने संभाल रखा था. 200 के करीब रैलियां की. मनी लॉन्ड्रिंग मामले में हेमंत सोरेन की गिरफ्तारी को भुनाने की कोशिश की गई. इससे आदिवासी वोटर्स पर जेएमएम का गहरा प्रभाव पड़ा. तो दूसरी ओर मंईयां सम्मान योजना को भी बड़ा मुद्दा बनाया. वहीं 1 लाख 36 हजार करोड़ केंद्र सरकार द्वारा नहीं दिए जाने पर भी कई सवाल खड़े किए. जो जेएमएम की जीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. इस दौरान कल्पना जनसभाओं में महिलाओं से मिलती रही. महिलाओं का झुकाओं उनकी ओर ज्यादा रहा जो चुनाव में भी दिखा. पुरुष से ज्यादा महिला मतदाताओं ने बढ़ चढ़ कर मतदान किया जिसका रिजल्ट सामने है. आज इंडिया ब्लॉक में जश्न का माहौल है पार्टी कार्यकर्ता पटाखे फोड़ रहे हैं मिठाइयां बांटी जा रही है.
फुस्स हुई एनडीए का घुसपैठ मुद्दा
बता दें कि झारखंड में एनडी 35 का भी आंकड़ा पार नहीं कर पाई तो इंडिया गठबंधन एक नया क्रीर्तिमान स्थापित करने में कामयाब हो गई है. इंडिया 50 से ज्यादा सीटों पर लीड कर रही है. आरक्षित और अनारक्षित सीटों पर इंडिया का जलवा देखने को मिला. झारखंड के लिए एक नया रिकॉर्ड है क्योंकि 24 साल के झारखंड में कभी भी कोई सरकार रिपीट नहीं हुई लेकिन इसबार एक बार फिर इंडिया गठबंधन सरकार बना रही है औऱ हेमंत एक बार फिर झारखंड की सत्ता में काबिज हो रहे हैं. इस बार के चुनाव में कहा जा रहा था कि कांग्रेस से लोग नाराज बताए जा रहे है लेकिन उनकी परफॉर्मेंस ने लोगों के इस भ्रम को तोड़ दिया. इसका श्रेय भी हेमंत सोरेन और कल्पना सोरेन को दिया जाता है वहीं बीजेपी के घुसपैठ और आलमगीर आलम का मुद्दा फुस्स हो गया.
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