25 तक शिक्षा विभाग सरकार को भेजेगा प्रस्ताव
रांची: प्राथमिक, माध्यमिक एवम प्लस टू विद्यालयों के शिक्षकों को एमएसीपी का लाभ देने की मांग को लेकर विगत दिनों हुए अखिल झारखंड प्राथमिक शिक्षक संघ के आमरण अनशन कार्यक्रम के समझौते के अनुरूप पूर्व निर्धारित बैठक में शिक्षा सचिव उमा शंकर सिंह की अध्यक्षता में अंतर्विभागीय कमिटी की बैठक हुई। बैठक में वित विभाग से हेमंत नारायण साहदेव और कार्मिक विभाग से आसिम हसन शिक्षा विभाग के संयुक्त सचिव नंदकिशोर लाल उच्चाधिकारी और शिक्षक संघ के प्रतिनिधि शामिल थे।
संघ के प्रदेश मुख्य प्रवक्ता नसीम अहमद ने बताया कि बैठक में शिक्षकों को एमएसीपी देने की मांग से जुड़े सभी पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। एमएसीपी देने के औचित्य की समीक्षा की गई। झारखंड में शिक्षकों को बिना किसी वित्तीय उन्नयन के ही सेवानिवृत हो जाने की स्थिति पर सभी ने चिंता व्यक्त की।
चर्चा के क्रम में अखिल झारखंड प्राथमिक शिक्षक संघ द्वारा रखे गए विभिन्न तार्किक पहलुओं के आलोक में शिक्षा सचिव उमा शंकर सिंह ने राज्य के प्राथमिक, माध्यमिक एवम प्लस टू के शिक्षकों को एमएसीपी देने पर सहमति व्यक्त करते हुए कहा कि पच्चीस अगस्त तक इसका प्रस्ताव तैयार कर मंत्रिपरिषद में पारित कराने के निमित संचिका को अग्रेतर कार्रवाई हेतु भेज दी जाएगी।
इसके साथ ही शिक्षकों के छठे वेतन को विसंगति को वित विभागीय अधिसूचना के आलोक में दूर करने की मांग पर संघ द्वारा प्रस्तुत तथ्यों के अवलोकन के बाद कमिटी में सहमति बनी कि इसका निराकरण कराने को कार्रवाई की जाएगी।
शिक्षकों के अंतरजिला स्थानांतरण के लिए संघ ने कहा कि पूरे सेवा काल में शिक्षकों को एक बार अपने गृह जिला में स्थानांतरित होकर पदस्थापित होने का अवसर दिया जाए। शिक्षा सचिव ने कहा कि अंतर जिला स्थानांतरण नियमावली की समीक्षा कर ऐसा प्रावधान लाने की ओर कार्रवाई की जाएगी। साथ ही जिले के अंदर अंतः जिला स्थानांतरण के लंबित कार्य को शीघ्र निष्पादित कराने को बात भी शिक्षा सचिव ने मानी।
बैठक में अनूप केशरी, राम मूर्ति ठाकुर, नसीम अहमद, असदुल्लाह, दीपक दत्ता, संतोष कुमार, अजय ज्ञानी, सलीम सहाय, सुधीर दुबे, अमरेश सिंह, विनय मांझी, प्रेम कुमार शर्मा, मानिक प्रसाद सिंह, अमर सिंह उरांव, बसंत झा, अनूप कुमार, रामकुमार झा, एमएसीपी संघर्ष मोर्चा के अमरनाथ झा शामिल थे।
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