
रांची: बड़कागांव विधानसभा क्षेत्र के विस्थापितों की ज्वलंत समस्याओं को लेकर झारखंड कांग्रेस ने रांची में बुधवार को एक अहम उच्चस्तरीय बैठक की। बैठक में झारखंड कांग्रेस प्रभारी के. राजू, संयोजक मंत्री राधाकृष्ण किशोर, पूर्व कृषि मंत्री योगेंद्र साव, पूर्व विधायक अम्बा प्रसाद प्रसाद शामिल हुए।
बैठक में खनन कंपनियों द्वारा विस्थापितों के शोषण और स्थानीय प्रशासन की संदिग्ध भूमिका पर गंभीर चिंता जताई गई। कांग्रेस द्वारा गठित पांच सदस्यीय जांच समिति की 5 फरवरी को प्रस्तावित बड़कागांव विधानसभा यात्रा को कैबिनेट बैठक के कारण फिलहाल टाल दिया गया है। समिति ने स्पष्ट किया कि नई तिथि शीघ्र घोषित की जाएगी।
प्रदेश प्रभारी के. राजू ने विस्थापन से जुड़ी समस्याओं की समीक्षा करते हुए कहा कि पूर्व में गठित पांच सदस्यीय जांच समिति की गुरुवार को कांग्रेस मुख्यालय में बैठक होगी। इस बैठक में विस्थापितों के मुद्दों पर तैयार प्रस्तावों को कैबिनेट में रखने की रणनीति पर भी चर्चा की जाएगी।
कांग्रेस ने निर्णय लिया है कि बृहस्पतिवार को होने वाली कैबिनेट बैठक में भूमि अधिग्रहण कानून–2013, विस्थापन आयोग के प्रभावी रूप से क्रियान्वयन, स्थानीय मजदूरों को एचपीसी नियमों के तहत भुगतान, पतरातू विद्युत निगम लिमिटेड तथा पतरातू छाई डैम से जुड़े सभी मामलों को प्रमुखता से उठाया जाएगा।
मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने भरोसा दिलाया कि कैबिनेट के बाद प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर विस्तृत रिपोर्ट मुख्यमंत्री को सौंपी जाएगी और विस्थापितों की समस्याओं के समाधान के लिए त्रिपक्षीय वार्ता कराई जाएगी।
