सीएम हेमंत सोरेन 6 छात्रोपयोगी वेब पोर्टल्स का किया अनावरण

झारखंड
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छात्रोपयोगी वेब पोर्टल्स का अनावरण तथा रांची विज्ञान केंद्र, रांची के नव प्रवर्तन केंद्र का शुभारंभ समारोह एवं झारखंड अनुसंधान तथा नवाचार नीति-2025 राज्य स्तरीय कार्यशाला में शामिल हुए मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन

CM Hemant Soren unveiled student friendly web portals

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन आज झारखंड मंत्रालय स्थित सभागार में उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग अंतर्गत छात्रोपयोगी वेब पोर्टल्स का अनावरण तथा रांची विज्ञान केंद्र, रांची के नव प्रवर्तन केंद्र का शुभारंभ समारोह एवं झारखंड अनुसंधान तथा नवाचार नीति-2025 हेतु आयोजित राज्य स्तरीय कार्यशाला में बतौर मुख्य अतिथि सम्मिलित हुए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग द्वारा विकसित 6 पोर्टल्स का अनावरण एवं रांची विज्ञान केंद्र, रांची अवस्थित नव प्रवर्तन केंद्र (इनोवेशन हब) का उद्घाटन किया।

इस अवसर पर उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के मंत्री श्री सुदिव्य कुमार, मुख्य सचिव श्रीमती अलका तिवारी, अपर मुख्य सचिव श्री अविनाश कुमार, प्रधान सचिव उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग श्री राहुल कुमार पुरवार, मैनेजिंग डायरेक्टर-सह-सीईओ सीएससी ई-गवर्नेंस सर्विस इंडिया लिमिटेड श्री संजय कुमार राकेश, राज्य के विभिन्न विश्वविद्यालय के कुलपतिगण सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

विभिन्न पोर्टल्स के अनावरण का मुख्य उद्देश्य..

डिजिटल गवर्नेस तथा डिजिटल इनफ्रास्ट्रक्चर को सुदृढ़ करने हेतु उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग द्वारा लर्निंग मैनेजमेंट सिस्टम के डिजिटल कार्यान्वयन, वेतन निर्धारण और सत्यापन पोर्टल, निजी विश्वविद्यालय प्रबंधन पोर्टल, वित्त रहित कॉलेज अनुदान आवेदन पोर्टल जैसे कई पोर्टलों को विकसित किया गया है।

1. वेतन निर्धारण पोर्टल : – विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों के शिक्षकों एवं शिक्षकेत्तर कर्मियों के वेतन सत्यापन को सरल बनाने, त्रुटियों को कम करने एवं दक्षता में सुधार करने हेतु वेतन निर्धारण पोर्टल विकसित किया गया है।

2. लर्निंग मैनेजमेंट पोर्टल :- ऑनलाइन मोड में शिक्षण और प्रशिक्षण सेवाओं का प्रबंधन करेगा एवं संस्थानों में चल रहे शैक्षणिक कार्यक्रमों, प्रशिक्षणों या शिक्षण और विकास कार्यक्रमों के प्रशासन, दस्तावेजीकरण आदि के प्रबंधन करने में मदद करेगा।

3. निजी विश्वविद्यालय प्रबंधन पोर्टल :- निजी विश्वविद्यालय पोर्टल राज्य में नए निजी विश्वविद्यालयों के स्थापना एवं प्रबंधन की प्रक्रिया को सरल बनाएगा।

4. मुख्यमंत्री फेलोशिप योजना पोर्टल :- उच्च एवं तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा देने, उच्च शिक्षण संस्थानों स्तर पर शोध को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से लागू हेतु यह पोर्टल विकसित किया गया है। इससे विद्यार्थियों को फेलोशिप हेतु आवेदन एवं इसका लाभप्राप्त करने में आसानी होगी

5. अप्रेंटिस प्रबंधन पोर्टल:- राज्य के विभिन्न विश्वविद्यालयों / महाविद्यालयों तथा विभागान्तर्गत अन्य संस्थानों में अप्रेंटिस प्रशिक्षुओं का चयन करते हुए उन्हें प्रशिक्षित किया जाना है। उक्त प्रशिक्षुओं के चयन प्रक्रिया को सरल एवं सुलभ करने हेतु अप्रेंटिस प्रबंधन पोर्टल विकसित किया गया है।

6. वित्त रहित कॉलेज अनुदान पोर्टल :- राज्य में वित्त रहित स्थायी संबद्धता प्राप्त महाविद्यालयों को अनुदान प्रदान करने की मौजूदा प्रक्रिया में न केवल समय लग रहा है, बल्कि निरीक्षण और सत्यापन के कई स्तर भी है। इस पोर्टल के विकसित होने से महाविद्यालयों को अनुदान प्रदान करने की प्रक्रिया सरल होगी और समय भी कम लगेगा।

7. इनोवेशन हब (Innovation Hub) :- क्षेत्रीय विज्ञान केन्द्र, राँची परिसर में स्थापित इनोवेशन हब रचनात्मक एवं नवाचारी विचारों का पोषण, इनोवेटिव सोच और व्यावहारिक समस्या का समाधान, इनोवेशन को प्रेरित करने आदि के लिए उचित वातावरण प्रदान करेगा।

साइन्स सिटी, रांची:- रांची स्थित क्षेत्रीय विज्ञान केंद्र साइन्स सिटी के रूप में अपग्रेड करने हेतु 270 करोड़ की परियोजना तैयार की गई है। इसका निर्माण लगभग 25 एकड़ भूमि पर किया जाएगा। इसके निर्माण से रांची में वैज्ञानिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। पर्यटकों के दर्शन हेतु वैज्ञानिक प्रदर्शन के साथ-साथ मनोरंजन का साधन भी उपलब्ध होगा।

कार्यक्रम में ये रहा खास..

रांची विश्वविद्यालय, रांची के प्रस्तावित नए भवन का प्रेजेंटेशन :- रांची विश्वविद्यालय का नया भवन कुल रु० 1100 करोड़ की लागत से रांची जिला के चेड़ी में अवस्थित 87 एकड़ भूमि पर स्टेट ऑफ द आर्ट के रूप में रांची विश्वविद्यालय, रांची के नए परिसर का निर्माण किया जा रहा है। इस नए परिसर में राज्य के 30,000 छात्र-छात्राओं को विश्वस्तरीय सुविधा के साथ शिक्षा उपलब्ध कराया जाएगा।

झारखंड स्टूडेंट रिसर्च एंड इनोवेशन पॉलिसी, 2025 का उद्देश्य :- राज्य में छात्रों के बीच अनुसंधान, नवाचार और उद्यमिता की संस्कृति को बढ़ावा के उद्देश्य से झारखंड स्टूडेंट रिसर्च एंड इनोवेशन पॉलिसी, 2025 गठित की जा रही है। यह नीति उच्च शिक्षा में अनुसंधान के एकीकरण पर जोर देती है जो राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप है। यह नीति स्टार्टअप के लिए सीड फंडिंग (seed funding) और अनुसंधान परियोजनाओं, संगोष्ठियों और सम्मेलनों के लिए अनुदान प्रदान करती है। रु० 1,280 करोड़ के बजट के साथ यह नीति झारखंड छात्र अनुसंधान एवं नवाचार निधि के तहत विश्वविद्यालयों और कॉलेजों को संस्थान अनुसंधान और इनोवेशन सेल की स्थापना के लिए वित्तीय प्रोत्साहन प्रदान करेगी। झारखंड को अनुसंधान-आधारित आर्थिक और तकनीकी विकास का एक प्रमुख केंद्र बनाने में यह नीति सहायक होगी।

शिक्षा व्यवस्था को डिजिटल मोड में ले जाने का प्रयास : सुदिव्य कुमार, मंत्री, उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग,

इस अवसर पर उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के मंत्री श्री सुदिव्य कुमार ने कहा कि राज्य में उच्च शिक्षा की पहुँच को सरल बनाने हेतु मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन के उद्देश को सार्थक बनाने की ओर बढ़ाए गए इस ठोस कदम के लिए मैं विभाग के पदाधिकारियों का स्वागत करता हूँ, यहां उपस्थित गणमान्य अतिथियों एवं पदाधिकारियों को मैं अपनी ओर से बहुत-बहुत आभार एवं शुभकामनाएं देता हूं। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में राज्य के बच्चों को दक्ष बनाना सरकार की प्राथमिकता है। दक्षता के क्षेत्र में झारखण्ड के विद्यार्थियों को आगे रखने के उद्देश्य को पूरा करने के लिए उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग अंतर्गत विभिन्न पोर्टल्स का शुभारंभ होना एक सकारात्मक पहल है। इन महत्वपूर्ण पोर्टल्स की लॉन्चिंग आज मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन के करकमलों से हुआ है। इन पोर्टल्स के जरिए राज्य की शिक्षा व्यवस्था को डिजिटल मोड में ले जाने का प्रयास किया गया है। अब आवेदनों की लंबी परिपाटी और धीमा वर्क कल्चर के इतिहास से निकलना है। अब पोर्टल में किसका आवेदन पड़ा है यह सबके समक्ष प्रदर्शित होता रहेगा। आवेदन करने वालों को पता होगा, उनका आवेदन किसके पास लंबित है और आवेदन प्राप्त करने वाले को भी इसकी जानकारी मिलती रहेगी। मैं स्वयं इसकी निगरानी करूँगा। उन्होंने कहा कि हमलोगों ने नए कदम की शुरुआत की है। मैं मानता हूँ हम लड़खड़ायेंगे, लेकिन फिर संभलेंगे और नया कदम आगे बढ़ाएँगे। मैं विभागीय अधिकारियों से आग्रह करता हूं कि पोर्टल से किसी को असुविधा न हो, एक क्लिक में उन्हें जानकारी प्राप्त हो। किसी भी तरह के शिकायत का निस्तारण यथा शीघ्र करने का प्रयास सुनिश्चित किया जाए।

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