रांची: मोरहाबादी मैदान में दो दिवसीय राष्ट्रीय जतरा महोत्सव का भव्य आयोजन आज से शुरू हो रहा है। यह महोत्सव 31 जनवरी और 1 फरवरी को आयोजित किया जाएगा, जिसमें झारखंड सहित देश के विभिन्न राज्यों से आए कलाकार अपनी सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देंगे।

महोत्सव के प्रमुख आयोजक सह जतरा समिति अध्यक्ष नरेश पाहन ने बताया कि इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य झारखंड की लोक संस्कृति, जनजातीय परंपराओं और जतरा नाट्य कला को एक साझा राष्ट्रीय मंच प्रदान करना है।
उन्होंने कहा कि महोत्सव के दौरान पारंपरिक जतरा नाट्य, लोकनृत्य और लोकगीतों की आकर्षक प्रस्तुतियां होंगी, जिससे सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा मिलेगा और जनजातीय विरासत के संरक्षण को मजबूती मिलेगी।
महोत्सव के संस्थापक अंतु तिर्की ने कहा कि जतरा महोत्सव आदिवासी समाज की सांस्कृतिक पहचान को सशक्त करने का एक प्रभावी माध्यम है। ऐसे आयोजनों से युवा पीढ़ी अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ती है और लोक परंपराओं को आगे बढ़ाने की प्रेरणा प्राप्त करती है।
वहीं सूरज टोप्पो ने बताया कि महोत्सव को लेकर मोरहाबादी मैदान को आकर्षक रूप से सजाया जा रहा है। दर्शकों की सुविधा और सुरक्षा के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं। उन्होंने रांचीवासियों से बड़ी संख्या में पहुंचकर आयोजन को सफल बनाने की अपील की।

आयोजक विक्की करमाली ने कहा कि यह महोत्सव लोक संस्कृति को सहेजने और उसे नई पीढ़ी तक पहुंचाने का एक सशक्त प्रयास है।
शुक्रवार की शाम मोरहाबादी मैदान में आयोजित प्रेस वार्ता के माध्यम से महोत्सव की जानकारी दी गई। प्रेस वार्ता में केंद्रीय अध्यक्ष नरेश पाहन, सूरज टोप्पो, मिथिलेश कुमार, विक्की करमाली, कार्यकारी अध्यक्ष विनय नायक, अंजू तिर्की, राधा हेम्ब्रम, अर्जुन मुंडा, अरुण पाहन, सुरेश मिर्धा, राकेश मुंडा, मान सिंह मुंडा, अशोक मुंडा, रिकी नायक , सहित समिति के सभी पदाधिकारी उपस्थित रहे ।
