शुरुआती शिक्षा, खेल आधारित पढ़ाई और एआई पर गहन चर्चा
रांची: रिलायंस फाउंडेशन की ओर से आयोजित दो दिवसीय ‘बिल्डिंग फ्लोरिशिंग फ्यूचर्स’ सम्मेलन में बच्चों की शुरुआती शिक्षा को उनके समग्र विकास की मजबूत नींव बताया गया। सम्मेलन में देश-विदेश से आए शिक्षा विशेषज्ञों ने इस बात पर जोर दिया कि प्रारंभिक और प्राथमिक शिक्षा के वर्षों में बच्चों की भावनात्मक, सामाजिक और बौद्धिक जरूरतों को समझते हुए पढ़ाई का स्वरूप तय करना बेहद जरूरी है।
रिलायंस फाउंडेशन की निदेशक ईशा अंबानी ने अपने संबोधन में कहा कि शिक्षा तभी प्रभावी और सार्थक बनती है, जब बच्चे खुद को सुरक्षित, स्नेहपूर्ण और सम्मानजनक माहौल में महसूस करें। उन्होंने कहा, “जब शिक्षा बच्चों की भावनात्मक, सामाजिक और बौद्धिक अवस्था के अनुरूप दी जाती है, तो सीखना आनंददायक बनता है। हमारा उद्देश्य ऐसा समावेशी शिक्षा तंत्र विकसित करना है, जिसमें हर बच्चा अपनी पूरी क्षमता के साथ आगे बढ़ सके।
सम्मेलन में भारत और दुनिया के विभिन्न हिस्सों से आए 250 से अधिक शिक्षाविदों ने शिक्षा में नवाचार, खेल आधारित सीखने के मॉडल, बुनियादी साक्षरता और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) की भूमिका पर अपने विचार और अनुभव साझा किए। इस अवसर पर ‘पेडागॉजीज़ ऑफ प्ले’ नामक प्रकाशन भी जारी किया गया, जिसमें बच्चों के लिए सीखने के नए और प्रभावी तरीकों को रेखांकित किया गया है।
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