रांची : आदिवासियों की बहुप्रतीक्षित पेसा कानून की मांग को झारखंड सरकार के कैबिनेट से मंजूरी मिलने पर झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) की ओर से राजधानी रांची में खुशी का इजहार किया गया। इस अवसर पर जेएमएम रांची जिला संयोजक प्रमुख मुस्ताक आलम के नेतृत्व में अल्बर्ट एक्का चौक पर बाजे-गाजे, रंग-अबीर और मिठाइयां बांटकर जुलूस निकाला गया।

कार्यक्रम में शामिल राज्यसभा सांसद डॉ. महुआ मांझी ने राज्य की जनता को बधाई देते हुए कहा कि पेसा कानून लागू होने से आदिवासी-मूलवासी समुदाय के हक और अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित होगी तथा ग्राम स्वशासन और अधिक सशक्त होगा। उन्होंने इसे झारखंड के लिए ऐतिहासिक कदम बताया।
वहीं जिला संयोजक प्रमुख मुस्ताक आलम ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री जो कहते हैं, वही करते हैं। उन्होंने साबित कर दिया है कि वे झारखंड के आदिवासी-मूलवासियों के अधिकारों को दिल से महत्व देते हैं और केवल झूठे आश्वासन नहीं देते। उन्होंने कहा कि जहां भारतीय जनता पार्टी ने वर्षों तक सिर्फ वादे किए, वहीं हेमंत सोरेन सरकार ने पेसा कानून को कैबिनेट से पास कराकर ऐतिहासिक कार्य किया है, जिस पर पूरे राज्य को गर्व है।
इस मौके पर केंद्रीय सदस्य पवन जेड़िया, हेमलाल मेहता, अश्विनी शर्मा, अंतू तिर्की, जिला संयोजक मंडली सदस्य वीरू तिर्की, धर्मेंद्र सिंह, महानगर संयोजक मंडली सदस्य रामशरण विश्वकर्मा, वीरू साहू, रतीश द्विवेदी, अंकिता वर्मा, अफरोज आलम, फरीद खान, मधु तिर्की, आरिज खान कुलदीपक, पूर्व जिला उपाध्यक्ष कलाम आजाद, जनक नायक, डॉ. चिंतामणि सांगा, मंटू लाला, परवेज आलम गुड्डू, मुस्लिम अंसारी, गुल अफ्सा परवीन, कांके प्रखंड अध्यक्ष नवीन तिर्की, नामकुम प्रखंड अध्यक्ष चामू, बैंक सचिव मुजाहिद हुसैन सहित सैकड़ों कार्यकर्ता और समर्थक मौजूद थे।
