रामगढ़/पतरातू। झारखंड मुक्ति मोर्चा, रैयत विस्थापित-प्रभावित समिति, पतरातू, रामगढ़ के बैनर तले स्थानीय विस्थापित एवं प्रभावित ग्रामीणों ने अल्ट्राटेक सीमेंट प्लांट प्रबंधन के खिलाफ आंदोलन तेज करने का ऐलान किया है। समिति ने प्रबंधन को ज्ञापन सौंपते हुए चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र पहल नहीं की गई तो 13 अप्रैल 2026 से प्लांट के मुख्य गेट पर अनिश्चितकालीन जाम किया जाएगा।

समिति का आरोप है कि रोजगार, प्रदूषण नियंत्रण समेत आठ सूत्री मांगों को लेकर पूर्व में भी प्रबंधन को ज्ञापन दिया गया था, लेकिन अब तक किसी प्रकार की ठोस कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीणों का कहना है कि दिसंबर 2025 में भी आंदोलन की चेतावनी दी गई थी, जिसके बाद प्रबंधन ने एक माह के भीतर सकारात्मक पहल का आश्वासन दिया था। हालांकि तीन माह से अधिक समय बीत जाने के बावजूद मांगों पर अमल नहीं किया गया।
ज्ञापन में कहा गया है कि इस उपेक्षा से स्थानीय विस्थापित-प्रभावित ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है। इसी के तहत 13 अप्रैल से सैकड़ों ग्रामीण पारंपरिक हथियारों के साथ अल्ट्राटेक सीमेंट प्लांट, पतरातू के गेट को अनिश्चितकालीन जाम करेंगे। समिति ने स्पष्ट किया है कि इस दौरान किसी भी प्रकार की स्थिति के लिए प्लांट प्रबंधन ही जिम्मेदार होगा।

ज्ञापन सौंपने के दौरान समिति के अध्यक्ष योगेन्द्र यादव, सचिव मुमताज अंसारी सहित राजेंद्र बेदिया, उदय मालाकार, महादेव करमाली, बलराम करमाली, दिनेश उरांव, आजाद राय, चंद्रनाथ मांझी, देवेंद्र करमाली, संजीव मुंडा, ईश्वर प्रसाद, सतीश मुंडा, शिव शंकर ठाकुर, रमेश करमाली, दिनेश करमाली, रत्न उरांव, राजवीर माहतो, जुबेर अंसारी, अशरफ अंसारी, कुंती देवी, ज्योति देवी, अनिता देवी, सुनिता देवी, फुलूवा देवी, आरती देवी, माला देवी, तिलेश्वर माहतो, सुरेश करमाली, कोशल उरांव, हरि पांडे, रुस्तम अंसारी, विक्रम करमाली, बिट्टू उरांव, सदाम अंसारी, मिराज अंसारी, विनोद करमाली, दीपक करमाली, संजय करमाली, जयवीर अंसारी, विष्णु करमाली सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे।
