विधानसभा चुनाव में इंडिया गठबंधन को जीताने में मंईयां सम्मान योजना महत्वपूर्ण रही. इस योजना ने हेमंत को फर्श से अर्श तक पहुंचाया. लेकिन दिसंबर से इस एक हजार की राशि को बढ़ाकर 2500 करने की घोषणा की गई थी. और इसे घरातल पर उतारने का ऐलान भी कर दिया गया था. ऐसे में इतनी राशि के लिए राजस्व स्त्रोतों को बढ़ाने की जरूरत है ताकि मंईयां सम्मान योजना के अलावा अन्य कई योजना है जिसे धरातल पर उतारा जा सके.
राजस्व को बढ़ाने के लिए सीएम पद की शपथ लेने के बाद पहली कैबिनेट बैठक में हेमंत सोरेन ने दो अहम फैसले लिए हैं. जिसका उद्देश्य है योजना पर खर्च बढ़ने से सरकार पर ज्यादा वित्तीय बोझ नहीं पड़े.
हेमंत सरकार के दो निर्णय
सरकार ने जो दो महत्वपूर्ण निर्णय लिए है उनमें एक है केंद्र सरकार से बकाया 1.36 लाख वसूली के लिए विधिक कार्रवाई करना. वहीं दूसरा महत्वपूर्ण निर्णय राजस्व बढ़ाने के उपाय-वित्त विभाग में एक विशेष कोषांग का गठन होगा, राज्य की आय में बढ़ोतरी के लिए नए स्त्रोत तलाशना, खनन क्षेत्र में लागू पुराने करों में वृद्धि करने, न्यायिक मामलों में लंबित वसूली में तेजी लाना.
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