भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने राज्य सरकार पर साधा निशाना आदिवासी आबादी खतरे में
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी संथाल के दौरे पर हैं. संथाल परगना में मीडिया को संबोधित करते हुए सोरेन सरकार पर जमकर हमला बोला.
उन्होंने कहा 1951 से 2011 के सेंसस आंकड़ों में आदिवासी आबादी आधी हो चुकी जबकि मुस्लिम आबादी में ढाई गुना वृद्धि हुई है. इससे यह स्पष्ट हो जाता है को ठगबंधन सरकार की तुष्टिकरण नीति में घुसपैठियों को संरक्षण प्राप्त है.
आदिवासी आबादी खतरे में है। ऐसा लगता है कुछ दिनो में अस्तित्व ही समाप्त हो जायेगा।
मैं इसलिए यह कह रहा हूं क्योंकि आज जनसंख्या दिवस है और आंकड़े बताते हैं कैसे संथाल परगना में आदिवासियों की आबादी लगातार घट रही और मुस्लिम आबादी अप्रत्याशित ढंग से बढ़ रही है.
श्री मरांडी ने बताया कि 1951 में संथाल परगना में आदिवासी आबादी 44.67% थी ,मुस्लिम आबादी 9.44% थी और सामान्य आबादी 45.91% थी.
वहीं 2011 की जनगणना रिपोर्ट को देखें तो मुस्लिम आबादी में ढाई गुना वृद्धि के साथ 22.73% हो गई जबकि आदिवासियों की आबादी 44.67%से घटकर 28.11% हो गई.
जिससे यह स्पष्ट है कि संथाल परगना में आदिवासियों की आबादी को लव जिहाद, लैंड जिहाद के नाम पर सुनियोजित तरीके से घटाया जा रहा है.
साहेबगंज और पाकुड़ की स्थिति तो भयावह है। एक विधानसभा क्षेत्र में 50 हजार मतदाता बढ़ गए। लगभग 123% की वृद्धि हुई। आखिर यह अप्रत्याशित वृद्धि कैसे हुई?
उन्होंने कहा कि भाजपा वोट बैंक की राजनीति नहीं करती ।भाजपा देश के लिए राजनीति करती है। राष्ट्र प्रथम के संकल्प के साथ हम काम करते हैं।
जब जनसंघ का गठन हुआ था उसी समय से हम धारा 370 का विरोध करते थे भले हमारी राजनीतिक ताकत कम थी। लेकिन देश के मुद्दों पर कभी समझौता नही किया।
घुसपैठिए भी देश के विरोधी हैं। अनेक देशों ने घुसपैठियों को बाहर किया है।पाकिस्तान ने भी अफगानिस्तानियो को बाहर किया है भले वे मुस्लिम ही क्यों न हों।
राज्य में घुसपैठ की समस्या को माननीय उच्च न्यायालय ने भी गंभीर माना है।सभी जिला के उपायुक्तों को इस दिशा में कारवाई के निर्देश दिए हैं. राज्य सरकार तुष्टिकरण छोड़ घुसपैठियों के खिलाफ सख्त कारवाई करे और उनका संरक्षण बंद करे.
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