
रिपोर्ट: सुनील पोद्दार: रांची के Harmu Housing Colony स्थित जनता फ्लैट संख्या 11 और 12 की स्थिति इन दिनों बेहद चिंताजनक और खतरनाक बनी हुई है। वर्षों से जर्जर पड़े इन फ्लैटों की हालत इतनी खराब हो चुकी है कि किसी भी वक्त बड़ा हादसा हो सकता है। फ्लैट की छत पर उगा विशाल पीपल का पेड़ अब पूरी इमारत को अपनी जड़ों से कमजोर कर चुका है, जिससे भवन की संरचना पूरी तरह अस्थिर हो गई है।

Jharkhand Housing ₹Board द्वारा करीब 6 वर्ष पूर्व इन फ्लैटों को खाली करवा लिया गया था, लेकिन इसके बावजूद आज तक इन्हें ध्वस्त नहीं किया गया। नतीजतन, ये खाली पड़े फ्लैट अब असामाजिक तत्वों का अड्डा बन चुके हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि इन फ्लैटों से खिड़कियां, दरवाजे, ग्रिल और पानी के पाइप तक चोरी कर बेच दिए गए हैं।
स्थिति और भी गंभीर तब हो जाती है जब शाम ढलते ही यहां अपराधियों का जमावड़ा लग जाता है। नशे का सेवन करने वाले असामाजिक तत्व इन फ्लैटों में दिन-रात डेरा जमाए रहते हैं और राहगीरों के साथ लूटपाट एवं छीना-झपटी जैसी घटनाओं को अंजाम देते हैं।

कॉलोनी के निवासियों के अनुसार, कई बार अरगोड़ा थाना में शिकायत की गई, पुलिस मौके पर पहुंचती भी है, लेकिन अपराधी पीछे के रास्ते से भाग निकलते हैं। पकड़े जाने पर भी उन्हें कुछ ही घंटों में छोड़ दिया जाता है, जिससे उनका मनोबल और बढ़ता जा रहा है।
दोनों फ्लैटों के खाली रहने से पूरे इलाके में सन्नाटा पसरा रहता है, जिसका फायदा उठाकर अपराधी सक्रिय हो गए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि अब हालात ऐसे हो गए हैं कि बहन-बेटियों का घर से निकलना भी मुश्किल हो गया है, चाहे दिन हो या रात, हर समय डर का माहौल बना रहता है।

कॉलोनी के निवासियों ने प्रशासन, मुख्यमंत्री और झारखंड राज्य आवास बोर्ड से इस गंभीर समस्या की शिकायत करने का निर्णय लिया है। लोगों की मांग है कि जल्द से जल्द इन जर्जर फ्लैटों को ध्वस्त किया जाए, ताकि किसी बड़े हादसे से बचा जा सके और क्षेत्र में बढ़ते अपराध पर भी अंकुश लगाया जा सके।
अगर समय रहते इस ओर ध्यान नहीं दिया गया, तो यह लापरवाही कभी भी बड़ी त्रासदी का रूप ले सकती है।
